विपरीत गुणों से युक्त आहार
कर रहा है आपको बीमार
सावधानी बरतें
!! बीमारी से दूर रहें !!
खाने में balanced डाइट की बात हमेशा से की जाती है लेकिन इसके साथ क्या खाना है क्या इसका ज़रा भी ध्यान हम नहीं रखते है।खाने में सही कॉम्बिनेशन की जानकारी होंना बहुत आवश्यक है ,यानी की किस किस चीज़ को एक साथ खाना चाहिए और किस को नहीं इस बारे में आयुर्वेद में काफी जानकारी दी गई है ,जबकि Modern Medicine Food Combinations (मॉडर्न मेडिसिन फ़ूड कॉम्बिनेशंस) के बजाय Balanced Diet पर फोकस करती है।
आहार हमारे जीवन का आधार है, लेकिन खान पान में की गई लापरवाही के कारण हमे कइ बीमारी से दो चार होना पड़ता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छी जीवनशैली के साथ साथ संतुलित भोजन लेना भी बहुत जरुरी है।इसके लिए जरुरी है हमारी खान पान की सही समझ होना।
जाने अनजाने में या जानकारी के अभाव से हम बहुत बार ऐसी चीज़ें खाते है जो शरीर के लिए घातक हो सकती है।
विरुद्ध आहार का मतलब होता है की खाने-पीने की वे चीज़ें जिन्हे एक साथ लेने से सेहत को नुकसान होता है। आयुर्वेद के अनुसार हमारे भोजन में इन गुणों का अवरोध या विरोध पाया जाता है इसे विरुद्ध आहार कहा जाता है।
फल, दही, सलाद, दालें हेल्थी फ़ूड तो है लेकिन पोषण तभी मिलता है जब आप इन्हे सभी कॉम्बिनेशन के साथ कई पौष्टिक चीज़ें खाते हैं लेकिन कुछ चीजों को एक साथ खाने से आपके शरीर को फायदे के बजाय नुकसान पहुंचता है।
हम खाने में एक साथ कई चीजें खाना पसंद करते हैं। लेकिन एक ही वक्त के खाने में कुछ चीजें एक साथ खाना कई बार फायदे की बजाय नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में जरूरी है, यह जानना कि अच्छा खाना (गुड कॉम्बिनेशन) क्या है और खराब खाना (बैड कॉम्बिनेशन) क्या ? दरअसल, आयुर्वेद में अच्छा खाना उसे कहा जाता है, जो स्निग्ध (जिसमें घी हो) हो, लघु (हल्का और आसानी से पचनेवाला) और ऊष्ण (थोड़ा गर्म) हो। इस तरह का खाना पाचन बढ़ाता है, पेट साफ रखता है, शरीर को पोषण प्रदान करता है और आसानी से पच जाता है।दूसरी ओर, उलट मिजाज का खाना जिनका तापमान (बहुत ठंडा और गर्म), स्वाद (मीठा,खट्टा और नमकीन), गुण (हल्का और भारी) और तासीर (ठंड और गर्म) अलग-अलग हो, एक साथ नहीं लेने चाहिए।ऐसी चीजों को आयुर्वेद में 'विरुद्ध आहार' की कैटिगरी में रखा जाता है।
गलत कॉम्बिनेशन का शरीर पर नाकारात्मक प्रभाव :-
विरुद्ध आहार लगातार लेने से पेट में तकलीफ, चर्म रोग, खून की कमी (एनीमिया), शरीर पर सफ़ेद चकते, पाचन का खराब होना, पेट से संबधित रोग, पित्त की समस्या हो सकती है साथ ही मोटापा, बी.पी, शुगर आदि बीमारियां भी हो सकती है।
जैसे की दूध और दही का कभी भी इकट्ठे सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि दोनों की तासीर अलग होती है।दोनों को मिक्स करने से बिना खमीर वाला खाना खराब हो जाता है। जिससे एसिडिटी बढ़ती है साथ ही गैस, अपच व उलटी हो सकती है।
गर्म व ठंडे पदार्थों को एक साथ खाने से जठराग्नि व पाचनक्रिया मंद हो जाती है |
दूध में मिनरल और विटामिंस के अलावा लैक्टोस शुगर और प्रोटीन होते हैं।दूध एक एनिमल प्रोटीन है और उसके साथ ज्यादा मिक्सिंग करेंगे तो रिएक्शन हो सकते हैं। फिर नमक मिलने से मिल्क प्रोटींस जम जाते हैं और पोषण कम हो जाता है। अगर लंबे समय तक ऐसा किया जाए तो स्किन की बीमारियां हो सकती हैं। आयुर्वेद के मुताबिक उलटे गुणों और मिजाज के खाने लंबे वक्त तक ज्यादा मात्रा में साथ खाए जाएं तो यह गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
आयुर्वेद के मुताबिक परांठे या पूरी आदि तली-भुनी चीजों के साथ दही जैसी चीज़ों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि दही फैट के पाचन में रुकावट पैदा करता है।
खाने के बाद चाय का सेवन करना हानिकारक हो सकता है, यह एक गलत धारणा है कि खाने के बाद चाय पीने से पाचन बढ़ता है। हालांकि ग्रीन टी, हर्बल टी, या सौंफ, दालचीनी, अदरक आदि से बनी बिना दूध की चाय का सेवन किया जा सकता हैं।
फास्ट फूड या तली-भुनी चीजों के साथ कोल्ड ड्रिंक के बजाय जूस, नीबू-पानी ले सकते हैं। जूस में मौजूद विटामिन-सी खाने को पचाने में मदद करता है।
4 बजे के बाद केले, दही, शरबत, आइसक्रीम आदि का सेवन ना करे।
सुबह नाश्ते में फलों का सेवन अच्छा रहता है, इसे किसी अन्य खाने के साथ मिलाकर ना ले।
यह निम्नलिखित चीज़ों का एक साथ बिलकुल सेवन न करें ये सेहत के लिए हानिकारक है :-
दूध के साथ फल इत्यादि का सेवन न करें।
दूध के साथ खट्टे अम्लीय पदार्थ का सेवन न करें ।
दूध के साथ नमक वाले पदार्थ भी नही खाने चाहिए।
दही, शहद अथवा मदिरा के बाद गर्म पदार्थों का सेवन न करें।
केले के साथ दही या लस्सी लेना हानिकारक होता है।
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